search
Q: शुद्धं वाक्यम् अभिज्ञायताम्।
  • A. ग्रामस्य परितो मृगा: विचरन्ति।
  • B. ग्रामस्य परितो मृग: विचरन्ति।
  • C. ग्रामे परितं मृगा: विचरन्ति।
  • D. ग्रामं परितो मृगा: विचरन्ति।
Correct Answer: Option D - ‘ग्रामं परितो मृगा: विचरन्ति’ शुद्धं वाक्यम्-अस्ति। अर्थात् गाँव के चारो ओर मृग घूमते हैं यह शुद्ध वाक्य है। वार्तिक- ‘अभित:-परित:-समया-निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि द्वितीया’ अभित: (दोनों ओर) परित: (चारों ओर), समया (समीप), निकषा (समीप), हा (शोक), प्रति (ओर) शब्द जिस शब्द के सम्बन्ध में प्रयुक्त हों, उसमें (शब्द में) द्वितीया विभक्ति होती है। अत: विकल्प (d) सही है।
D. ‘ग्रामं परितो मृगा: विचरन्ति’ शुद्धं वाक्यम्-अस्ति। अर्थात् गाँव के चारो ओर मृग घूमते हैं यह शुद्ध वाक्य है। वार्तिक- ‘अभित:-परित:-समया-निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि द्वितीया’ अभित: (दोनों ओर) परित: (चारों ओर), समया (समीप), निकषा (समीप), हा (शोक), प्रति (ओर) शब्द जिस शब्द के सम्बन्ध में प्रयुक्त हों, उसमें (शब्द में) द्वितीया विभक्ति होती है। अत: विकल्प (d) सही है।

Explanations:

‘ग्रामं परितो मृगा: विचरन्ति’ शुद्धं वाक्यम्-अस्ति। अर्थात् गाँव के चारो ओर मृग घूमते हैं यह शुद्ध वाक्य है। वार्तिक- ‘अभित:-परित:-समया-निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि द्वितीया’ अभित: (दोनों ओर) परित: (चारों ओर), समया (समीप), निकषा (समीप), हा (शोक), प्रति (ओर) शब्द जिस शब्द के सम्बन्ध में प्रयुक्त हों, उसमें (शब्द में) द्वितीया विभक्ति होती है। अत: विकल्प (d) सही है।