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Q: ‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’ पंक्ति के रचयिता कौन हैं?
  • A. रामधारी सिंह दिनकर
  • B. नागार्जुन
  • C. रामविलास शर्मा
  • D. मुक्तिबोध
Correct Answer: Option C - ‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’ पंक्ति के रचयिता रामविलास शर्मा हैं। यह पंक्ति उनकी कविता ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ की है। ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ उनकी तारसप्तक में अज्ञेय जी द्वारा संकलित कविता है, जो 1943ई. में प्रकाशित हुई। रामविलास शर्मा जी का जन्म उन्नाव (उ.प्र.) में अक्टूबर 1912 ई. में हुआ। 1970 ई. में ‘निराला की साहित्य साधना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किये गये। चार दिन (1936 ई., उपन्यास), पाप के पुजारी (1936 ई. नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएं हैं।
C. ‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’ पंक्ति के रचयिता रामविलास शर्मा हैं। यह पंक्ति उनकी कविता ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ की है। ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ उनकी तारसप्तक में अज्ञेय जी द्वारा संकलित कविता है, जो 1943ई. में प्रकाशित हुई। रामविलास शर्मा जी का जन्म उन्नाव (उ.प्र.) में अक्टूबर 1912 ई. में हुआ। 1970 ई. में ‘निराला की साहित्य साधना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किये गये। चार दिन (1936 ई., उपन्यास), पाप के पुजारी (1936 ई. नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएं हैं।

Explanations:

‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’ पंक्ति के रचयिता रामविलास शर्मा हैं। यह पंक्ति उनकी कविता ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ की है। ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ उनकी तारसप्तक में अज्ञेय जी द्वारा संकलित कविता है, जो 1943ई. में प्रकाशित हुई। रामविलास शर्मा जी का जन्म उन्नाव (उ.प्र.) में अक्टूबर 1912 ई. में हुआ। 1970 ई. में ‘निराला की साहित्य साधना’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किये गये। चार दिन (1936 ई., उपन्यास), पाप के पुजारी (1936 ई. नाटक) इनकी प्रमुख रचनाएं हैं।