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Q: श्रिय: पति: श्रीमति शासितुमित्यस्मिन् श्लोकांशे ‘‘श्रिय: पति:’’ अस्ति –
  • A. पार्वत्या: पति:
  • B. मेनकाया: पति:
  • C. लक्ष्म्या: पति:
  • D. शकुन्तलाया: पति:
Correct Answer: Option C - श्रिय: पति: श्रीमति शासितुमित्यस्मिन् श्लोकांशे ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ अस्ति। महाकवि माघ द्वारा विरचित ‘शिशुपालवधम्’ महाकाव्य के वस्तुनिर्देशात्मक मङ्गलाचरण में ‘श्रिय: पति: श्रीमति शासितुम्’ श्लोकांश में ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ के लिए प्रयुक्त हुआ है अर्थात् श्रिय: का तात्पर्य लक्ष्मी है अत: लक्ष्मी के पति भगवान् विष्णु हैं उन्हीं का स्मरण किया गया है। शेष विकल्पों का अर्थ- पार्वत्या: पति: शिव, मेनकाया: पति: विश्वामित्र तथा शकुन्तलाया: पति: दुष्यन्त हैं, अत: विकल्प (c) सही है।
C. श्रिय: पति: श्रीमति शासितुमित्यस्मिन् श्लोकांशे ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ अस्ति। महाकवि माघ द्वारा विरचित ‘शिशुपालवधम्’ महाकाव्य के वस्तुनिर्देशात्मक मङ्गलाचरण में ‘श्रिय: पति: श्रीमति शासितुम्’ श्लोकांश में ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ के लिए प्रयुक्त हुआ है अर्थात् श्रिय: का तात्पर्य लक्ष्मी है अत: लक्ष्मी के पति भगवान् विष्णु हैं उन्हीं का स्मरण किया गया है। शेष विकल्पों का अर्थ- पार्वत्या: पति: शिव, मेनकाया: पति: विश्वामित्र तथा शकुन्तलाया: पति: दुष्यन्त हैं, अत: विकल्प (c) सही है।

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श्रिय: पति: श्रीमति शासितुमित्यस्मिन् श्लोकांशे ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ अस्ति। महाकवि माघ द्वारा विरचित ‘शिशुपालवधम्’ महाकाव्य के वस्तुनिर्देशात्मक मङ्गलाचरण में ‘श्रिय: पति: श्रीमति शासितुम्’ श्लोकांश में ‘श्रिय:पति:’ ‘लक्ष्म्या: पति:’ के लिए प्रयुक्त हुआ है अर्थात् श्रिय: का तात्पर्य लक्ष्मी है अत: लक्ष्मी के पति भगवान् विष्णु हैं उन्हीं का स्मरण किया गया है। शेष विकल्पों का अर्थ- पार्वत्या: पति: शिव, मेनकाया: पति: विश्वामित्र तथा शकुन्तलाया: पति: दुष्यन्त हैं, अत: विकल्प (c) सही है।