search
Q: ‘‘शरीरं तावदिष्टार्थव्यवच्छिन्ना पदावली’’ यह परिभाषा किसकी है?
  • A. दण्डी
  • B. भामह
  • C. मम्मट
  • D. आनन्दवर्द्धन
Correct Answer: Option A - ‘‘शरीरं तावदिष्टार्थव्यवच्छिन्ना पदावली’’ यह परिभाषा दण्डी की है। अर्थात् दण्डी ने अलंकत शब्दार्थयुगल को ही काव्य का स्वरूप माना है।
A. ‘‘शरीरं तावदिष्टार्थव्यवच्छिन्ना पदावली’’ यह परिभाषा दण्डी की है। अर्थात् दण्डी ने अलंकत शब्दार्थयुगल को ही काव्य का स्वरूप माना है।

Explanations:

‘‘शरीरं तावदिष्टार्थव्यवच्छिन्ना पदावली’’ यह परिभाषा दण्डी की है। अर्थात् दण्डी ने अलंकत शब्दार्थयुगल को ही काव्य का स्वरूप माना है।