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Q: शरीर में लौह की कमी होने से क्या होता है?
  • A. रक्ताल्पता
  • B. स्कर्वी
  • C. हड्डियों में दुर्बलता
  • D. त्वचा के रोग
Correct Answer: Option A - रक्ताल्पता का साधारण मतलब रक्त की कमी होता है। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ रुधिर वर्णिका यानि हीमोग्लोबिन की संख्या में कमी आने से होती है। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में आक्सीजन को प्रवाहित करता है। हीमोग्लोबिन हमारी रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौहयुक्त प्रोटीन है। शरीर में लौह की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग हो जाता है।
A. रक्ताल्पता का साधारण मतलब रक्त की कमी होता है। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ रुधिर वर्णिका यानि हीमोग्लोबिन की संख्या में कमी आने से होती है। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में आक्सीजन को प्रवाहित करता है। हीमोग्लोबिन हमारी रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौहयुक्त प्रोटीन है। शरीर में लौह की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग हो जाता है।

Explanations:

रक्ताल्पता का साधारण मतलब रक्त की कमी होता है। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ रुधिर वर्णिका यानि हीमोग्लोबिन की संख्या में कमी आने से होती है। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में आक्सीजन को प्रवाहित करता है। हीमोग्लोबिन हमारी रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौहयुक्त प्रोटीन है। शरीर में लौह की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक होने पर शरीर में हीमोक्रोमेटिक रोग हो जाता है।