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Q: श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के किस पर्व से सम्बन्धित है?
  • A. शान्ति पर्व
  • B. वन पर्व
  • C. भीष्म पर्व
  • D. उद्योग पर्व
Correct Answer: Option C - श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व से सम्बन्धित है। महाभारत के भीष्म पर्व के प्रारम्भ में ही वेदव्यास ने यह स्पष्ट करते हुए कहा है- गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै: शास्त्रविस्तरै:। या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्माद्विनि:सृता।। अर्थात् ‘‘गीता सुगीता करने योग्य है अर्थात् श्रीगीता जी को भली प्रकार पढ़कर अर्थ और भावसहित अन्त:करण में धारण कर लेना मुख्य कर्तव्य है, जो कि स्वयं श्रीपद्मनाथ विष्णुभगवान् के मुखारबिन्द से निकली हुई है, (फिर) अन्य शास्त्रों के विस्तार से क्या प्रयोजन है?’’
C. श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व से सम्बन्धित है। महाभारत के भीष्म पर्व के प्रारम्भ में ही वेदव्यास ने यह स्पष्ट करते हुए कहा है- गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै: शास्त्रविस्तरै:। या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्माद्विनि:सृता।। अर्थात् ‘‘गीता सुगीता करने योग्य है अर्थात् श्रीगीता जी को भली प्रकार पढ़कर अर्थ और भावसहित अन्त:करण में धारण कर लेना मुख्य कर्तव्य है, जो कि स्वयं श्रीपद्मनाथ विष्णुभगवान् के मुखारबिन्द से निकली हुई है, (फिर) अन्य शास्त्रों के विस्तार से क्या प्रयोजन है?’’

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श्रीमद्भगवद्गीता महाभारत के भीष्म पर्व से सम्बन्धित है। महाभारत के भीष्म पर्व के प्रारम्भ में ही वेदव्यास ने यह स्पष्ट करते हुए कहा है- गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यै: शास्त्रविस्तरै:। या स्वयं पद्मनाभस्य मुखपद्माद्विनि:सृता।। अर्थात् ‘‘गीता सुगीता करने योग्य है अर्थात् श्रीगीता जी को भली प्रकार पढ़कर अर्थ और भावसहित अन्त:करण में धारण कर लेना मुख्य कर्तव्य है, जो कि स्वयं श्रीपद्मनाथ विष्णुभगवान् के मुखारबिन्द से निकली हुई है, (फिर) अन्य शास्त्रों के विस्तार से क्या प्रयोजन है?’’