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Q: ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ किसका विशेषण है?
  • A. मेघ
  • B. यक्षिणी
  • C. यक्ष
  • D. मेघदूत
Correct Answer: Option C - ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का विशेषण है। अपने कार्य से असावधान, प्रिया के विरह से दु:सह दु:ख, एक वर्ष तक भोगने वाले, स्वामी के शाप से नष्ट महिमा वाला, कोई यक्ष जनक की पुत्री के स्नान से पवित्र जल वाले, घने छाया वाले वृक्षों से युक्त, रामगिरि (पर्वत) के आश्रमों में निवास करता था। ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का यह विशेषण महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् में वर्णित है।
C. ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का विशेषण है। अपने कार्य से असावधान, प्रिया के विरह से दु:सह दु:ख, एक वर्ष तक भोगने वाले, स्वामी के शाप से नष्ट महिमा वाला, कोई यक्ष जनक की पुत्री के स्नान से पवित्र जल वाले, घने छाया वाले वृक्षों से युक्त, रामगिरि (पर्वत) के आश्रमों में निवास करता था। ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का यह विशेषण महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् में वर्णित है।

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‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का विशेषण है। अपने कार्य से असावधान, प्रिया के विरह से दु:सह दु:ख, एक वर्ष तक भोगने वाले, स्वामी के शाप से नष्ट महिमा वाला, कोई यक्ष जनक की पुत्री के स्नान से पवित्र जल वाले, घने छाया वाले वृक्षों से युक्त, रामगिरि (पर्वत) के आश्रमों में निवास करता था। ‘‘शापेनास्तङ्गमित महिमा’’ यक्ष का यह विशेषण महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् में वर्णित है।