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Q: शिक्षिका विशेषणविषये व्याख्यानं करोति। सा तदा सर्वान् छात्रान् प्रत्येकं न्यूनातिन्यूनम् एवं स्वगुणं वर्णयितुं निर्दिशति। अनन्तरं च तस्य लक्षणं ददाति। अयं विधिः कथ्यते-
  • A. समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि : (Total Physical Response Method)
  • B. निमज्जनविधि: (Immersion Method)
  • C. आगमनविधि: (Inductive Method)
  • D. निगमनविधि: (Deductive Method)
Correct Answer: Option A - शिक्षिका विशेषणविषये व्याख्यानं करोति। सा तदा सर्वान् छात्रान् प्रत्येकं - न्यूनातिन्यूनम् एवं स्वगुणं वर्णयितुं निर्दिशति। अनन्तरं च तस्य लक्षणं ददाति। अयं विधि: ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि:’ कथ्यते। अर्थात् शिक्षिका विशेषण के विषय में व्याख्यान् करती है। वह तभी सभी छात्रों को कम से कम अथवा अपने गुणों का वर्णन करने का निर्देश देती है और उसके बाद उसके लक्षण को देती है, ऐसा करना ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि’ कहलाती है।
A. शिक्षिका विशेषणविषये व्याख्यानं करोति। सा तदा सर्वान् छात्रान् प्रत्येकं - न्यूनातिन्यूनम् एवं स्वगुणं वर्णयितुं निर्दिशति। अनन्तरं च तस्य लक्षणं ददाति। अयं विधि: ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि:’ कथ्यते। अर्थात् शिक्षिका विशेषण के विषय में व्याख्यान् करती है। वह तभी सभी छात्रों को कम से कम अथवा अपने गुणों का वर्णन करने का निर्देश देती है और उसके बाद उसके लक्षण को देती है, ऐसा करना ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि’ कहलाती है।

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शिक्षिका विशेषणविषये व्याख्यानं करोति। सा तदा सर्वान् छात्रान् प्रत्येकं - न्यूनातिन्यूनम् एवं स्वगुणं वर्णयितुं निर्दिशति। अनन्तरं च तस्य लक्षणं ददाति। अयं विधि: ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि:’ कथ्यते। अर्थात् शिक्षिका विशेषण के विषय में व्याख्यान् करती है। वह तभी सभी छात्रों को कम से कम अथवा अपने गुणों का वर्णन करने का निर्देश देती है और उसके बाद उसके लक्षण को देती है, ऐसा करना ‘समग्रशारीरिकप्रतिक्रियाविधि’ कहलाती है।