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Q: शुकनासेन क उपदिष्ट:?
  • A. तारापीड:
  • B. चन्द्रापीड:
  • C. जाबालि:
  • D. पुण्डरीक:
Correct Answer: Option B - शुकनासेन चन्द्रापीड: उपदिष्ट:। शुकनास ने चन्द्रापीड को उपदेश दिया। मंत्री शुकनास राजकुमार चन्द्रापीड को और विनीत सदाचारी बनाने की अभिलाषा से उसे यह उपदेश देता है कि- हे वत्स! चन्द्रापीड यद्यपि समग्र जानने योग्य बातों को जानने वाले, सभी शास्त्रों एवं विद्याओं का मनन कर लेने वाले तुम्हारे सदृश व्यक्ति को उपदेश की कोई आवश्यकता नहीं है, तथापि यौवन का गहन अंधकार, लक्ष्मी का मद, ऐश्वर्य का तिमिरान्ध रोग, राज्यसुख रूपी सन्निपात निद्रा आदि मनुष्य को घोर संकट में डालकर नष्ट कर देने में समर्थ हैं।
B. शुकनासेन चन्द्रापीड: उपदिष्ट:। शुकनास ने चन्द्रापीड को उपदेश दिया। मंत्री शुकनास राजकुमार चन्द्रापीड को और विनीत सदाचारी बनाने की अभिलाषा से उसे यह उपदेश देता है कि- हे वत्स! चन्द्रापीड यद्यपि समग्र जानने योग्य बातों को जानने वाले, सभी शास्त्रों एवं विद्याओं का मनन कर लेने वाले तुम्हारे सदृश व्यक्ति को उपदेश की कोई आवश्यकता नहीं है, तथापि यौवन का गहन अंधकार, लक्ष्मी का मद, ऐश्वर्य का तिमिरान्ध रोग, राज्यसुख रूपी सन्निपात निद्रा आदि मनुष्य को घोर संकट में डालकर नष्ट कर देने में समर्थ हैं।

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शुकनासेन चन्द्रापीड: उपदिष्ट:। शुकनास ने चन्द्रापीड को उपदेश दिया। मंत्री शुकनास राजकुमार चन्द्रापीड को और विनीत सदाचारी बनाने की अभिलाषा से उसे यह उपदेश देता है कि- हे वत्स! चन्द्रापीड यद्यपि समग्र जानने योग्य बातों को जानने वाले, सभी शास्त्रों एवं विद्याओं का मनन कर लेने वाले तुम्हारे सदृश व्यक्ति को उपदेश की कोई आवश्यकता नहीं है, तथापि यौवन का गहन अंधकार, लक्ष्मी का मद, ऐश्वर्य का तिमिरान्ध रोग, राज्यसुख रूपी सन्निपात निद्रा आदि मनुष्य को घोर संकट में डालकर नष्ट कर देने में समर्थ हैं।