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Q: ‘‘शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी।’’ वाक्य का सही भेद है।
  • A. संदेहार्थक
  • B. विधानार्थक
  • C. प्रश्नार्थक
  • D. आज्ञार्थक
Correct Answer: Option B - ‘शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी।’ विधानार्थक वाक्य है। विधानार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य में किसी काम के होने या करेन का सामान्य रूप से बोध होता है। जबकि संदेहार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी कार्य के होने या न होने का संदेह होता है। प्रश्नार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी प्रकार के प्रश्न पूछने का बोध होता है तथा आज्ञार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य से आज्ञा, उपदेश, प्रार्थना, अनुमति का बोध होता है।
B. ‘शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी।’ विधानार्थक वाक्य है। विधानार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य में किसी काम के होने या करेन का सामान्य रूप से बोध होता है। जबकि संदेहार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी कार्य के होने या न होने का संदेह होता है। प्रश्नार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी प्रकार के प्रश्न पूछने का बोध होता है तथा आज्ञार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य से आज्ञा, उपदेश, प्रार्थना, अनुमति का बोध होता है।

Explanations:

‘शबरी प्रतिदिन राम की प्रतीक्षा करती थी।’ विधानार्थक वाक्य है। विधानार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य में किसी काम के होने या करेन का सामान्य रूप से बोध होता है। जबकि संदेहार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी कार्य के होने या न होने का संदेह होता है। प्रश्नार्थक वाक्य उसे कहते हैं, जिस वाक्य में किसी प्रकार के प्रश्न पूछने का बोध होता है तथा आज्ञार्थक वाक्य उसे कहते हैं जिस वाक्य से आज्ञा, उपदेश, प्रार्थना, अनुमति का बोध होता है।