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Q: Select the correct statement with respect to Lacey's theory of design of canals.
  • A. Critical velocity in terms of depth is used in design./डिजाइन में गहराई के पदों में क्रांतिक वेग प्रयोग किया जाता है।
  • B. The eddies are generated on the bed only./भंवर (eddies) केवल तल (bed) पर ही उत्पन्न होते हैं।
  • C. The theory introduces silt factor and related to mean diameter of the bed material./यह सिद्धांत गाद कारक (silt factor) के बारे में बताता है और तल सामग्री (bed material) के माध्य से व्यास से संबंधित होता है।
  • D. Kutter's formula is used for designing the irrigation channel/सिंचाई चैनल (irrigation channel) का डिजाइन करने के लिए कटर सूत्र (Kutter's formula) का प्रयोग किया जाता है।
Correct Answer: Option C - लेसी का सिद्धान्त– (i) नहर खण्ड के खुरदुरेपन के कारण भँवर पूरे भीगे परिमाप से उत्पन्न होती है। (ii) किनारों से उत्पन्न भँवरों के बल का ऊर्ध्वाधर घटक सिल्ट को निलम्बित रखने में सहायता देता है। (iii) पानी की गति द्रवीय माध्य गहराई (Hydraulic mean depth) पर निर्भर करती है। (iv) नहर खण्ड के मैटेरियल के कणों के औसत माप की मुख्य भूमिका रहती है। इसे देखकर लेसी ने सिल्ट गुणांक पर अधिक बल दिया। (v) यदि नहर का खण्ड रिजीम खण्ड से छोटा बनाया जाता है तो पानी की गति तेज होती है और नहर में निघर्षण होने लगता है और यह तब तक होता रहता है जब तक नहर अपने रिजीम खण्ड में न आ जाये। इसके विपरीत नहर खण्ड बड़ा बनाया जाता है, तो पानी की गति कम होती है और इसमें तब तक सिल्टिंग होती रहती है, जब तक नहर रिजीम अवस्था को न प्राप्त कर ले।
C. लेसी का सिद्धान्त– (i) नहर खण्ड के खुरदुरेपन के कारण भँवर पूरे भीगे परिमाप से उत्पन्न होती है। (ii) किनारों से उत्पन्न भँवरों के बल का ऊर्ध्वाधर घटक सिल्ट को निलम्बित रखने में सहायता देता है। (iii) पानी की गति द्रवीय माध्य गहराई (Hydraulic mean depth) पर निर्भर करती है। (iv) नहर खण्ड के मैटेरियल के कणों के औसत माप की मुख्य भूमिका रहती है। इसे देखकर लेसी ने सिल्ट गुणांक पर अधिक बल दिया। (v) यदि नहर का खण्ड रिजीम खण्ड से छोटा बनाया जाता है तो पानी की गति तेज होती है और नहर में निघर्षण होने लगता है और यह तब तक होता रहता है जब तक नहर अपने रिजीम खण्ड में न आ जाये। इसके विपरीत नहर खण्ड बड़ा बनाया जाता है, तो पानी की गति कम होती है और इसमें तब तक सिल्टिंग होती रहती है, जब तक नहर रिजीम अवस्था को न प्राप्त कर ले।

Explanations:

लेसी का सिद्धान्त– (i) नहर खण्ड के खुरदुरेपन के कारण भँवर पूरे भीगे परिमाप से उत्पन्न होती है। (ii) किनारों से उत्पन्न भँवरों के बल का ऊर्ध्वाधर घटक सिल्ट को निलम्बित रखने में सहायता देता है। (iii) पानी की गति द्रवीय माध्य गहराई (Hydraulic mean depth) पर निर्भर करती है। (iv) नहर खण्ड के मैटेरियल के कणों के औसत माप की मुख्य भूमिका रहती है। इसे देखकर लेसी ने सिल्ट गुणांक पर अधिक बल दिया। (v) यदि नहर का खण्ड रिजीम खण्ड से छोटा बनाया जाता है तो पानी की गति तेज होती है और नहर में निघर्षण होने लगता है और यह तब तक होता रहता है जब तक नहर अपने रिजीम खण्ड में न आ जाये। इसके विपरीत नहर खण्ड बड़ा बनाया जाता है, तो पानी की गति कम होती है और इसमें तब तक सिल्टिंग होती रहती है, जब तक नहर रिजीम अवस्था को न प्राप्त कर ले।