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Q: Section 2(36) of Companies Act is related to कंपनी अधिनियम की धार 2(36) किससे संबंधित है?
  • A. Memorandum/सीमा नियम
  • B. Prospectus/प्रविवरण
  • C. Articles/अंतर्नियम
  • D. Incorporation/समामेलन
Correct Answer: Option B - कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 2(36) के अनुसार- ‘‘एक प्रविवरण से आशय कोई प्रविवरण सूचना (Notice), परिपत्र, विज्ञापन अथवा अन्य कोई प्रलेख से है, जो जनता के अपना संचय (Deposits) जमा करने के लिए निमन्त्रण देता है अथवा जनता को कम्पनी के अंशपत्रों का ऋणपत्रों को खरीदने का निमन्त्रण अथवा प्रस्ताव करता है।’’वर्तमान में प्रविवरण कंपनी अधिनियम 2013 की धारा-2 (70) के अंतर्गत आयेगा। किन्तु इस प्रश्न में UPSESSB ने मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर (F) कर दिया है क्योंकि यहां अधिनियम के वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया हैं।
B. कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 2(36) के अनुसार- ‘‘एक प्रविवरण से आशय कोई प्रविवरण सूचना (Notice), परिपत्र, विज्ञापन अथवा अन्य कोई प्रलेख से है, जो जनता के अपना संचय (Deposits) जमा करने के लिए निमन्त्रण देता है अथवा जनता को कम्पनी के अंशपत्रों का ऋणपत्रों को खरीदने का निमन्त्रण अथवा प्रस्ताव करता है।’’वर्तमान में प्रविवरण कंपनी अधिनियम 2013 की धारा-2 (70) के अंतर्गत आयेगा। किन्तु इस प्रश्न में UPSESSB ने मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर (F) कर दिया है क्योंकि यहां अधिनियम के वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया हैं।

Explanations:

कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 2(36) के अनुसार- ‘‘एक प्रविवरण से आशय कोई प्रविवरण सूचना (Notice), परिपत्र, विज्ञापन अथवा अन्य कोई प्रलेख से है, जो जनता के अपना संचय (Deposits) जमा करने के लिए निमन्त्रण देता है अथवा जनता को कम्पनी के अंशपत्रों का ऋणपत्रों को खरीदने का निमन्त्रण अथवा प्रस्ताव करता है।’’वर्तमान में प्रविवरण कंपनी अधिनियम 2013 की धारा-2 (70) के अंतर्गत आयेगा। किन्तु इस प्रश्न में UPSESSB ने मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर (F) कर दिया है क्योंकि यहां अधिनियम के वर्ष का उल्लेख नहीं किया गया हैं।