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Q: सुयोधनस्य क: परस्परं न बाधते?
  • A. त्रिगण:
  • B. मित्रगण:
  • C. शत्रुगण:
  • D. भृत्यगण:
Correct Answer: Option A - सुयोधनस्य ‘त्रिगण:’ परस्परं न बाधते। यह सूक्ति वनेचर युधिष्ठिर से कहता है कि दुर्योधन के त्रिगण (धर्म, अर्थ, काम) परस्पर एक दूसरे को बाधा नहीं पहुँचाते हैं। अर्थात् दुर्योधन अपने राज कार्य को अच्छी तरह से चला रहा है।
A. सुयोधनस्य ‘त्रिगण:’ परस्परं न बाधते। यह सूक्ति वनेचर युधिष्ठिर से कहता है कि दुर्योधन के त्रिगण (धर्म, अर्थ, काम) परस्पर एक दूसरे को बाधा नहीं पहुँचाते हैं। अर्थात् दुर्योधन अपने राज कार्य को अच्छी तरह से चला रहा है।

Explanations:

सुयोधनस्य ‘त्रिगण:’ परस्परं न बाधते। यह सूक्ति वनेचर युधिष्ठिर से कहता है कि दुर्योधन के त्रिगण (धर्म, अर्थ, काम) परस्पर एक दूसरे को बाधा नहीं पहुँचाते हैं। अर्थात् दुर्योधन अपने राज कार्य को अच्छी तरह से चला रहा है।