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Q: संविधान में अन्य देशों से उधार लेने की विशेषताओं की आलोचना करते हुए किसने कहा था, ‘संविधान के मौलिक विचारों के संदर्भ में किसी को भी कोई विशेष अधिकार नही है।’
  • A. जवाहर लाल नेहरु
  • B. सरदार वल्लभभाई पटेल
  • C. डॉ. बी. आर.अम्बेडकर
  • D. सी. राजगोपालाचारी
Correct Answer: Option C - डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में अन्य देशों से उधार लेने की विशेषताओं की आलोचना करते हुए कहा था कि, ‘संविधान के मौलिक विचारों के संदर्भ में किसी को भी कोई विशेष अधिकार नहीं हैं। 26 नवंबर, 1949 ई. को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया था जिसे भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में ड्रॉफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था तथा इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 ई. को लागू हुआ एवं भारत एक गणराज्य बना था।
C. डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में अन्य देशों से उधार लेने की विशेषताओं की आलोचना करते हुए कहा था कि, ‘संविधान के मौलिक विचारों के संदर्भ में किसी को भी कोई विशेष अधिकार नहीं हैं। 26 नवंबर, 1949 ई. को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया था जिसे भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में ड्रॉफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था तथा इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 ई. को लागू हुआ एवं भारत एक गणराज्य बना था।

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डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान में अन्य देशों से उधार लेने की विशेषताओं की आलोचना करते हुए कहा था कि, ‘संविधान के मौलिक विचारों के संदर्भ में किसी को भी कोई विशेष अधिकार नहीं हैं। 26 नवंबर, 1949 ई. को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया था जिसे भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में ड्रॉफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था तथा इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 ई. को लागू हुआ एवं भारत एक गणराज्य बना था।