Correct Answer:
Option B - नम: (नमस्कार), स्वस्ति (कल्याण), स्वाहा स्वधा अलम् (समर्थ पर्याप्त, बराबर के जोड़ का) तथा वषट् (आहुति के योग में चतुर्थी होती है। जैसे – श्री गणेशायनम:, अग्नेयस्वधा।
(स्रोत-सिद्धान्तकौमुदी)
B. नम: (नमस्कार), स्वस्ति (कल्याण), स्वाहा स्वधा अलम् (समर्थ पर्याप्त, बराबर के जोड़ का) तथा वषट् (आहुति के योग में चतुर्थी होती है। जैसे – श्री गणेशायनम:, अग्नेयस्वधा।
(स्रोत-सिद्धान्तकौमुदी)