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Q: सवर्णसंज्ञा भवति-
  • A. मुखनासिकावचनयो:।
  • B. द्वयौ: स्वरितयो: ।
  • C. द्वयौ: अनुदात्तयो:।
  • D. तुल्यास्यप्रयत्नयो:।
Correct Answer: Option D - सवर्णसंज्ञा ‘तुल्यास्यप्रयत्नयो:’ भवति। तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम् । तालु आदि स्थान और आभ्यन्तर प्रयत्न ये दो जिस वर्ण का जिस वर्ण के साथ तुल्य हों, वे वर्ण आपस में सवर्ण संज्ञक हैं। जैसे : अ और आ का उच्चारण स्थान कण्ठ है तथा दोनों का ‘विवृत’ स्थान भी है अत: दोनों की आपस में सवर्णसंज्ञा हो जाती है।
D. सवर्णसंज्ञा ‘तुल्यास्यप्रयत्नयो:’ भवति। तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम् । तालु आदि स्थान और आभ्यन्तर प्रयत्न ये दो जिस वर्ण का जिस वर्ण के साथ तुल्य हों, वे वर्ण आपस में सवर्ण संज्ञक हैं। जैसे : अ और आ का उच्चारण स्थान कण्ठ है तथा दोनों का ‘विवृत’ स्थान भी है अत: दोनों की आपस में सवर्णसंज्ञा हो जाती है।

Explanations:

सवर्णसंज्ञा ‘तुल्यास्यप्रयत्नयो:’ भवति। तुल्यास्यप्रयत्नं सवर्णम् । तालु आदि स्थान और आभ्यन्तर प्रयत्न ये दो जिस वर्ण का जिस वर्ण के साथ तुल्य हों, वे वर्ण आपस में सवर्ण संज्ञक हैं। जैसे : अ और आ का उच्चारण स्थान कण्ठ है तथा दोनों का ‘विवृत’ स्थान भी है अत: दोनों की आपस में सवर्णसंज्ञा हो जाती है।