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Q: स्वराज पार्टी का उद्देश्य था :
  • A. संपूर्ण स्वतंत्रता के लिए आंदोलन
  • B. कांग्रेस के प्रस्तावों का बहिष्कार
  • C. विधायिका में प्रवेश करना तथा इसके अंदर सरकार की कमियों को उजागर करना
  • D. चरम उग्रवाद को आश्रय देना
Correct Answer: Option C - स्वराज पार्टी का गठन 1 जनवरी, 1923 को चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरु द्वारा इलाहाबाद में किया गया था, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के अन्दर रहकर चुनावों में हिस्सा लेना और विधान परिषद् में स्वदेशी सरकार के गठन की माँग उठाना तथा माँगों के न मानने पर विधान परिषद् की कार्यवाही में बाधा डालना था। ध्यातव्य है कि वर्ष 1925 में चितरंजन दास की मृत्यु के पश्चात स्वराज पार्टी शिथिल पड़ गई थी।
C. स्वराज पार्टी का गठन 1 जनवरी, 1923 को चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरु द्वारा इलाहाबाद में किया गया था, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के अन्दर रहकर चुनावों में हिस्सा लेना और विधान परिषद् में स्वदेशी सरकार के गठन की माँग उठाना तथा माँगों के न मानने पर विधान परिषद् की कार्यवाही में बाधा डालना था। ध्यातव्य है कि वर्ष 1925 में चितरंजन दास की मृत्यु के पश्चात स्वराज पार्टी शिथिल पड़ गई थी।

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स्वराज पार्टी का गठन 1 जनवरी, 1923 को चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरु द्वारा इलाहाबाद में किया गया था, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के अन्दर रहकर चुनावों में हिस्सा लेना और विधान परिषद् में स्वदेशी सरकार के गठन की माँग उठाना तथा माँगों के न मानने पर विधान परिषद् की कार्यवाही में बाधा डालना था। ध्यातव्य है कि वर्ष 1925 में चितरंजन दास की मृत्यु के पश्चात स्वराज पार्टी शिथिल पड़ गई थी।