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Q: ‘स्वरभंग’ किस प्रकार का अनुभाव है?
  • A. सात्विक
  • B. वाचिक
  • C. आहार्य
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - शास्त्र के अनुसार, आश्रय के मनोगत भावों को व्यक्त करने वाली शारीरिक चेष्टाएँ अनुभाव कहलाती हैं। भावों के पश्चात उत्पन्न होने के कारण इन्हें अनुभाव कहा जाता है। अनुभावों की संख्या 4 बताई गई है– कायिक, सात्विक, वाचिक, आहार्य। `स्वरभंग', स्तंभ, स्वेद, रोमांच, अश्रु, प्रलय आदि सात्विक अनुभाव के उदाहरण हैं।
A. शास्त्र के अनुसार, आश्रय के मनोगत भावों को व्यक्त करने वाली शारीरिक चेष्टाएँ अनुभाव कहलाती हैं। भावों के पश्चात उत्पन्न होने के कारण इन्हें अनुभाव कहा जाता है। अनुभावों की संख्या 4 बताई गई है– कायिक, सात्विक, वाचिक, आहार्य। `स्वरभंग', स्तंभ, स्वेद, रोमांच, अश्रु, प्रलय आदि सात्विक अनुभाव के उदाहरण हैं।

Explanations:

शास्त्र के अनुसार, आश्रय के मनोगत भावों को व्यक्त करने वाली शारीरिक चेष्टाएँ अनुभाव कहलाती हैं। भावों के पश्चात उत्पन्न होने के कारण इन्हें अनुभाव कहा जाता है। अनुभावों की संख्या 4 बताई गई है– कायिक, सात्विक, वाचिक, आहार्य। `स्वरभंग', स्तंभ, स्वेद, रोमांच, अश्रु, प्रलय आदि सात्विक अनुभाव के उदाहरण हैं।