Correct Answer:
Option D - साधारणीकरण वह व्यापार है, जिसके द्वारा काव्य सृष्टि में कवि निर्मित पात्र व्यक्ति विशेष न बनकर सामान्य बन जाते हैं। यह साधारणीकरण की सही व्याख्या है।
D. साधारणीकरण वह व्यापार है, जिसके द्वारा काव्य सृष्टि में कवि निर्मित पात्र व्यक्ति विशेष न बनकर सामान्य बन जाते हैं। यह साधारणीकरण की सही व्याख्या है।