Correct Answer:
Option A - स्थूल गत्यात्मक कौशल, वे बड़ी गतिविधियाँ व क्रियाएँ हैं, जो शिशु अपनी बाजुओं, पैरों या पूरे शरीर के जरिए करते हैं। घुटनों के बल चलना, खड़े होकर चलना, दौड़ना, कूदना और भागना स्थूल गत्यात्मक कौशल के उदाहरण हैं। जबकि सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल, वे छोटी गतिविधियाँ व क्रियाएँ हैं जो शिशु अपनी छोटी मांसपेशियों के जरिए करते है। कलाई पैरों की उंगलियाँ, किसी चींज को पकड़ना या उठाना, लिखना, सुई में धागा पिरोना आदि इसके उदाहरण है।
A. स्थूल गत्यात्मक कौशल, वे बड़ी गतिविधियाँ व क्रियाएँ हैं, जो शिशु अपनी बाजुओं, पैरों या पूरे शरीर के जरिए करते हैं। घुटनों के बल चलना, खड़े होकर चलना, दौड़ना, कूदना और भागना स्थूल गत्यात्मक कौशल के उदाहरण हैं। जबकि सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल, वे छोटी गतिविधियाँ व क्रियाएँ हैं जो शिशु अपनी छोटी मांसपेशियों के जरिए करते है। कलाई पैरों की उंगलियाँ, किसी चींज को पकड़ना या उठाना, लिखना, सुई में धागा पिरोना आदि इसके उदाहरण है।