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Q: सतत एवं व्यापक मूल्यांकन किस लिए आवश्यक है?
  • A. शिक्षण के साथ परीक्षण का तालमेल बैठाने के लिए
  • B. शिक्षा बोर्ड की जवाबदेही कम करने के लिए
  • C. जल्दी-जल्दी की जाने वाली गलतियों को सुधारना
  • D. यह समझने के लिए कि अधिगम का किस प्रकार अवलोकन किया जाता है, दर्ज किया जाता है व सुधार किया जा सकता है।
Correct Answer: Option D - सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का अर्थ है छात्रों के विद्यालय आधारित मूल्यांकन की प्रणाली जिसमें छात्र के विकास के सभी पक्ष शामिल होते है। इसके माध्यम से अध्यापक छात्रों का नियमित निदान और उसके बाद सुधारात्मक अनुदेशन के आधार पर उनकी उपलब्धियों और अध्यापन-अधिगम कार्यनीतियों के सुधार हेतु मूल्यांकन का उपयोग करता है।
D. सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का अर्थ है छात्रों के विद्यालय आधारित मूल्यांकन की प्रणाली जिसमें छात्र के विकास के सभी पक्ष शामिल होते है। इसके माध्यम से अध्यापक छात्रों का नियमित निदान और उसके बाद सुधारात्मक अनुदेशन के आधार पर उनकी उपलब्धियों और अध्यापन-अधिगम कार्यनीतियों के सुधार हेतु मूल्यांकन का उपयोग करता है।

Explanations:

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का अर्थ है छात्रों के विद्यालय आधारित मूल्यांकन की प्रणाली जिसमें छात्र के विकास के सभी पक्ष शामिल होते है। इसके माध्यम से अध्यापक छात्रों का नियमित निदान और उसके बाद सुधारात्मक अनुदेशन के आधार पर उनकी उपलब्धियों और अध्यापन-अधिगम कार्यनीतियों के सुधार हेतु मूल्यांकन का उपयोग करता है।