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Q: ‘स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु’ यह सूक्ति हम कहाँ पढ़ेंगे?
  • A. रघुवंश में
  • B. नैषधीयचरितम् में
  • C. अभिज्ञानशाकुन्तलम् में
  • D. उत्तररामचरितम् में
Correct Answer: Option C - ‘स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु’ यह सूक्ति अभिज्ञानशाकुन्तलम् में वर्णित है। ‘प्रसव: खलु प्रकर्षपर्यन्त: स्नेहस्य’ यह सूक्ति उत्तररामचरितम् से उद्धृत है। यह तमसा का कथन है–सन्तान वस्तुत: प्रेम की चरम सीमा होती है।
C. ‘स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु’ यह सूक्ति अभिज्ञानशाकुन्तलम् में वर्णित है। ‘प्रसव: खलु प्रकर्षपर्यन्त: स्नेहस्य’ यह सूक्ति उत्तररामचरितम् से उद्धृत है। यह तमसा का कथन है–सन्तान वस्तुत: प्रेम की चरम सीमा होती है।

Explanations:

‘स्त्रीणामशिक्षितपटुत्वममानुषीषु’ यह सूक्ति अभिज्ञानशाकुन्तलम् में वर्णित है। ‘प्रसव: खलु प्रकर्षपर्यन्त: स्नेहस्य’ यह सूक्ति उत्तररामचरितम् से उद्धृत है। यह तमसा का कथन है–सन्तान वस्तुत: प्रेम की चरम सीमा होती है।