Correct Answer:
Option C - स्त्री-पुरुष = स्त्री और पुरुष (द्वन्द्व समास)
जिसके दोनो पद प्रधान हो, दोनो संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलायेगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच और अथवा या जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है।
अव्ययीभाव समास - इस समास में प्रधान पद अव्यय और द्वितीय पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता रहती है। पूरा शब्द क्रिया-विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है। जैसे-
यथाशक्ति - शक्ति के अनुसार
कर्मधारय समास- कर्मधारय का एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है।
नराधम = अधम है नर जो
द्विगु समास - जिस समासिक पद का पूर्वपद संख्या बोधक हो वह द्विगु समास कहलाता है।
जैसे- त्रिभुवन - तीनों भुवनों का समाहार
C. स्त्री-पुरुष = स्त्री और पुरुष (द्वन्द्व समास)
जिसके दोनो पद प्रधान हो, दोनो संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास कहलायेगा। इसका विग्रह करने के लिए दो पदों के बीच और अथवा या जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है।
अव्ययीभाव समास - इस समास में प्रधान पद अव्यय और द्वितीय पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता रहती है। पूरा शब्द क्रिया-विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है। जैसे-
यथाशक्ति - शक्ति के अनुसार
कर्मधारय समास- कर्मधारय का एक पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है।
नराधम = अधम है नर जो
द्विगु समास - जिस समासिक पद का पूर्वपद संख्या बोधक हो वह द्विगु समास कहलाता है।
जैसे- त्रिभुवन - तीनों भुवनों का समाहार