Correct Answer:
Option A - संस्कृत व्याकरण में मूल स्वरों की संख्या पाँच है। ये हैं – अ, इ, उ, ऋ, ऌ। इसके अतिरिक्त अन्य स्वर मूल स्वरों के सहयोग से बनते हैं। इन्हें अच् भी कहते हैं।
A. संस्कृत व्याकरण में मूल स्वरों की संख्या पाँच है। ये हैं – अ, इ, उ, ऋ, ऌ। इसके अतिरिक्त अन्य स्वर मूल स्वरों के सहयोग से बनते हैं। इन्हें अच् भी कहते हैं।