Correct Answer:
Option D - संस्कृत कवि हरिषेण ने समुद्रगुप्त के सम्मान में प्रयाग प्रशस्ति लिखी थी। यह प्रशस्ति एक दीवानी अभिलेख के रूप में है जिसे समुद्रगुप्त के शासन के महान कार्यो और उनके कृतित्व की सराहना करने के लिए लिखा गया था।
D. संस्कृत कवि हरिषेण ने समुद्रगुप्त के सम्मान में प्रयाग प्रशस्ति लिखी थी। यह प्रशस्ति एक दीवानी अभिलेख के रूप में है जिसे समुद्रगुप्त के शासन के महान कार्यो और उनके कृतित्व की सराहना करने के लिए लिखा गया था।