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Q: संस्कृत की व्याकरण सम्मत भाषा का प्रयोग करने की क्षमता का विकास होता है
  • A. अनुकरण विधि से
  • B. ध्वनि साम्य विधि से
  • C. सुनो और बोलों विधि से
  • D. स्वरोच्चार विधि से
Correct Answer: Option C - संस्कृत की व्याकरण सम्मत भाषा का वाचन हम तभी कर सकते हैं जब हम पहले उसका श्रवण किये हों। श्रवणोच्चार द्वारा ही हम व्याकरण सम्मत संस्कृत प्रयोग करेंगे। इस प्रकार विकल्पों में ‘सुनो और बोलो’ विधि ही सर्वोपयुक्त है।
C. संस्कृत की व्याकरण सम्मत भाषा का वाचन हम तभी कर सकते हैं जब हम पहले उसका श्रवण किये हों। श्रवणोच्चार द्वारा ही हम व्याकरण सम्मत संस्कृत प्रयोग करेंगे। इस प्रकार विकल्पों में ‘सुनो और बोलो’ विधि ही सर्वोपयुक्त है।

Explanations:

संस्कृत की व्याकरण सम्मत भाषा का वाचन हम तभी कर सकते हैं जब हम पहले उसका श्रवण किये हों। श्रवणोच्चार द्वारा ही हम व्याकरण सम्मत संस्कृत प्रयोग करेंगे। इस प्रकार विकल्पों में ‘सुनो और बोलो’ विधि ही सर्वोपयुक्त है।