Correct Answer:
Option D - संस्कृत के प्रथम नाटककार ‘भास’ हैं। महाकवि भास कालिदास से पूर्ववर्ती हैं। भास ने ही सर्वप्रथम संस्कृत में एकांकी नाटक भी लिखा है। स्वप्नवासवदत्तम्, प्रतिज्ञा यौगंधरायण, दरिद्र चारुदत्त, अविमारक इनके प्रमुख नाटक ग्रंथ माने जाते हैं। पंचरात्र, मध्यमव्यायोग, दूतवाक्य, दूतघटोत्कच, कर्णभार, उरुभंग इनके ऐसे नाटक हैं जिनकी कथावस्तु का आधार महाभारत की कथा है।
D. संस्कृत के प्रथम नाटककार ‘भास’ हैं। महाकवि भास कालिदास से पूर्ववर्ती हैं। भास ने ही सर्वप्रथम संस्कृत में एकांकी नाटक भी लिखा है। स्वप्नवासवदत्तम्, प्रतिज्ञा यौगंधरायण, दरिद्र चारुदत्त, अविमारक इनके प्रमुख नाटक ग्रंथ माने जाते हैं। पंचरात्र, मध्यमव्यायोग, दूतवाक्य, दूतघटोत्कच, कर्णभार, उरुभंग इनके ऐसे नाटक हैं जिनकी कथावस्तु का आधार महाभारत की कथा है।