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Q: संस्कृत के निम्नलिखित ग्रंथों में कौन सा ग्रंथ ‘नाटक’ नहीं है?
  • A. उभयामिसारिका
  • B. रघुवंशम्
  • C. मालतीमाधव
  • D. वेणी संहार
Correct Answer: Option B - संस्कृत के ग्रंथों में ‘रघुवंशम्’ नाटक नहीं है। यह कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है। जो 19 सर्गो में विभक्त है। कालिदास का एक और महाकाव्य ‘कुमारसंभवम् है जो 17 सर्गो में विभक्त है। कालिदास ने दो गीतिकाव्य ‘ऋतुसंहारम्’ तथा मेघदूतम् तथा तीन नाटक (a) मालविकाग्निमित्रम, (b) विक्रमोर्वशीयम् (c) अभिज्ञानशाकुन्तलम् की रचना की है।
B. संस्कृत के ग्रंथों में ‘रघुवंशम्’ नाटक नहीं है। यह कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है। जो 19 सर्गो में विभक्त है। कालिदास का एक और महाकाव्य ‘कुमारसंभवम् है जो 17 सर्गो में विभक्त है। कालिदास ने दो गीतिकाव्य ‘ऋतुसंहारम्’ तथा मेघदूतम् तथा तीन नाटक (a) मालविकाग्निमित्रम, (b) विक्रमोर्वशीयम् (c) अभिज्ञानशाकुन्तलम् की रचना की है।

Explanations:

संस्कृत के ग्रंथों में ‘रघुवंशम्’ नाटक नहीं है। यह कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य है। जो 19 सर्गो में विभक्त है। कालिदास का एक और महाकाव्य ‘कुमारसंभवम् है जो 17 सर्गो में विभक्त है। कालिदास ने दो गीतिकाव्य ‘ऋतुसंहारम्’ तथा मेघदूतम् तथा तीन नाटक (a) मालविकाग्निमित्रम, (b) विक्रमोर्वशीयम् (c) अभिज्ञानशाकुन्तलम् की रचना की है।