Correct Answer:
Option D - ‘सेस महेश गनेस दिनेस सुरेसहु जाहि निरंतर गावै’ में अनुप्रास अलंकार है।
अनुप्रास अलंकार :– वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना है।
जैसे– मुदित महीपति मंदिर आए।
सेवक सचिव सुमंत बुलाए।।
यहाँ पहले पद में ‘म’ वर्ण की आवृत्ति और दूसरे में ‘स’ वर्ण की आवृत्ति हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।
D. ‘सेस महेश गनेस दिनेस सुरेसहु जाहि निरंतर गावै’ में अनुप्रास अलंकार है।
अनुप्रास अलंकार :– वर्णों की आवृत्ति को अनुप्रास कहते हैं। आवृत्ति का अर्थ किसी वर्ण का एक से अधिक बार आना है।
जैसे– मुदित महीपति मंदिर आए।
सेवक सचिव सुमंत बुलाए।।
यहाँ पहले पद में ‘म’ वर्ण की आवृत्ति और दूसरे में ‘स’ वर्ण की आवृत्ति हुई है। अत: यहाँ अनुप्रास अलंकार है।