Correct Answer:
Option C - सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार उचित क्रम- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस (अरुण) तथा नेप्च्यून (वरुण) हैं। खगोलीय पिंडो में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होती है। वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ऐसे पिंड ग्रह कहलाते है। पृथ्वी जिस पर हम रहते है, एक ग्रह है यह अपना सम्पूर्ण प्रकाश एवं ऊष्मा सूर्य से प्राप्त करता हैं। सूर्य एक तारा है। ग्रहों को दो भागों में बाँट कर देखा जाता है।
(i) आन्तरिक ग्रह– सूर्य के बहुत नजदीक है। ये चट्टानों से बने है इसके अन्तर्गत बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल ग्रह आते है।
(ii) बाह्य ग्रह– सूर्य से बहुत दूर है तथा बहुत बड़े आकार के है, ये गैस और तरल पदार्थों से बने हैं जो है– बृहस्पति, शनि यूरेनस, नेप्च्यून।
सौरमंडल के सभी आठ ग्रह निश्चित पथ पर सूर्य का चक्कर लगाते हैं। इनका पथ दीर्घवृत्ताकार है, जो इनकी कक्षा कहलाता है। बुध सूर्य के सबसे पास है।
C. सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार उचित क्रम- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस (अरुण) तथा नेप्च्यून (वरुण) हैं। खगोलीय पिंडो में अपना प्रकाश एवं ऊष्मा नहीं होती है। वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं ऐसे पिंड ग्रह कहलाते है। पृथ्वी जिस पर हम रहते है, एक ग्रह है यह अपना सम्पूर्ण प्रकाश एवं ऊष्मा सूर्य से प्राप्त करता हैं। सूर्य एक तारा है। ग्रहों को दो भागों में बाँट कर देखा जाता है।
(i) आन्तरिक ग्रह– सूर्य के बहुत नजदीक है। ये चट्टानों से बने है इसके अन्तर्गत बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल ग्रह आते है।
(ii) बाह्य ग्रह– सूर्य से बहुत दूर है तथा बहुत बड़े आकार के है, ये गैस और तरल पदार्थों से बने हैं जो है– बृहस्पति, शनि यूरेनस, नेप्च्यून।
सौरमंडल के सभी आठ ग्रह निश्चित पथ पर सूर्य का चक्कर लगाते हैं। इनका पथ दीर्घवृत्ताकार है, जो इनकी कक्षा कहलाता है। बुध सूर्य के सबसे पास है।