Correct Answer:
Option B - सर्वस्य लोचनं शास्त्रम् अस्ति। अर्थात् सबका नेत्र शास्त्र है। अनेक संशयोच्छेदि परोक्षार्थस्य दर्शकम् सर्वस्य लोचनं शास्त्रं यस्य नास्त्यन्ध एव स:।
अर्थात- अनेक संशयों को मिटाने वाला परोक्ष का भी दर्शन दिलाने वाला सबका नेत्र शास्त्र (ज्योतिषशास्त्र) है शास्त्र ज्ञान से रहित वास्तव में अन्धा है।
B. सर्वस्य लोचनं शास्त्रम् अस्ति। अर्थात् सबका नेत्र शास्त्र है। अनेक संशयोच्छेदि परोक्षार्थस्य दर्शकम् सर्वस्य लोचनं शास्त्रं यस्य नास्त्यन्ध एव स:।
अर्थात- अनेक संशयों को मिटाने वाला परोक्ष का भी दर्शन दिलाने वाला सबका नेत्र शास्त्र (ज्योतिषशास्त्र) है शास्त्र ज्ञान से रहित वास्तव में अन्धा है।