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Q: सार्वजनिक उपद्रव, भारतीय दंड संहिता की धारा.......... के अंतर्गत आता है।
  • A. 378
  • B. 268
  • C. 368
  • D. 278
Correct Answer: Option B - भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268 में सार्वजनिक उपद्रव (लोक न्यूसेन्स) के अपराध को परिभाषित किया गया है। धारा 290 के अंतर्गत लोक न्यूसेन्स के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 200 रु. तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा 378 - चोरी। धारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना। धारा 368 - व्यपहरण या अपहरण किए गए व्यक्ति को जान-बूझकर छिपाना या परिरोध में रखना।
B. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268 में सार्वजनिक उपद्रव (लोक न्यूसेन्स) के अपराध को परिभाषित किया गया है। धारा 290 के अंतर्गत लोक न्यूसेन्स के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 200 रु. तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा 378 - चोरी। धारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना। धारा 368 - व्यपहरण या अपहरण किए गए व्यक्ति को जान-बूझकर छिपाना या परिरोध में रखना।

Explanations:

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 268 में सार्वजनिक उपद्रव (लोक न्यूसेन्स) के अपराध को परिभाषित किया गया है। धारा 290 के अंतर्गत लोक न्यूसेन्स के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 200 रु. तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा 378 - चोरी। धारा 278 - वायुमण्डल को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाना। धारा 368 - व्यपहरण या अपहरण किए गए व्यक्ति को जान-बूझकर छिपाना या परिरोध में रखना।