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Q: ‘सूरदास’ ने किस भाषा में ‘सूरसागर’ की रचना की?
  • A. अवधी
  • B. ब्रज
  • C. खड़ीबोली
  • D. राजस्थानी
Correct Answer: Option B - सूरदास जी भक्तिकाल सगुण काव्यधारा के कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं। इनकी तीन रचनाएँ हैं- सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य लहरी। सूरदास जी की भाषा ब्रजभाषा थी। हिन्दी साहित्य में भ्रमरगीत काव्य परम्परा का प्रर्वतन सूरदास जी ने किया है।
B. सूरदास जी भक्तिकाल सगुण काव्यधारा के कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं। इनकी तीन रचनाएँ हैं- सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य लहरी। सूरदास जी की भाषा ब्रजभाषा थी। हिन्दी साहित्य में भ्रमरगीत काव्य परम्परा का प्रर्वतन सूरदास जी ने किया है।

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सूरदास जी भक्तिकाल सगुण काव्यधारा के कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं। इनकी तीन रचनाएँ हैं- सूरसागर, सूरसारावली और साहित्य लहरी। सूरदास जी की भाषा ब्रजभाषा थी। हिन्दी साहित्य में भ्रमरगीत काव्य परम्परा का प्रर्वतन सूरदास जी ने किया है।