Correct Answer:
Option C - ‘सूरसागर’ की भाषा ब्रज है। ‘सूरसागर’ सूरदास के कृष्ण भक्ति से युक्त पदों का संग्रह है। इसके प्रथम नौ स्कन्ध संक्षिप्त तथा दशम स्कन्ध का अति विस्तृत है। इसमें भक्ति का प्राधान्य है। कृष्ण की बाल लीलाओं तथा ‘भ्रमर गीत’ का संकलन है। विदित हो कि अवधी में तुलसी द्वारा रचित रामचरितमानस की भाषा है। ऐसा प्रसिद्ध है कि ब्रजभाषा कृष्णकाव्य की तथा अवधी भाषा रामकाव्य की प्रमुख भाषा रही है।
C. ‘सूरसागर’ की भाषा ब्रज है। ‘सूरसागर’ सूरदास के कृष्ण भक्ति से युक्त पदों का संग्रह है। इसके प्रथम नौ स्कन्ध संक्षिप्त तथा दशम स्कन्ध का अति विस्तृत है। इसमें भक्ति का प्राधान्य है। कृष्ण की बाल लीलाओं तथा ‘भ्रमर गीत’ का संकलन है। विदित हो कि अवधी में तुलसी द्वारा रचित रामचरितमानस की भाषा है। ऐसा प्रसिद्ध है कि ब्रजभाषा कृष्णकाव्य की तथा अवधी भाषा रामकाव्य की प्रमुख भाषा रही है।