Correct Answer:
Option B - स्प्रिंग मैटेरियल में भंगुरता का गुण नहीं होना चाहिए ताकि वह झटकों या चोटों से न टूटे।
लचीलापन (Elasticity)–जिस धातु से स्प्रिंग बनाये जाते है। उस धातु में लचीलापन का गुण होना अति आवश्यक है। इससे स्प्रिंग निर्धारित सीमा तक खिचने के बाद वापस पुन: उसी स्थिति में आ जाती है।
टफनेस (Toughness)–स्प्रिंग धातु में टफनेस का गुण होना चाहिए ताकि वह टूटे नहीं बल्कि झटके को सहन कर सके।
स्ट्रैंथ (strength)–स्प्रिंग धातु मजबूत होनी चाहिए ताकि वह आसानी से भार (weight) सहन कर सके।
भंगुरता (Brittleness)–यह धातु वह गुण है जो चोट लगने पर यह टुकड़े–टुकड़े होकर टूट जाती है।
B. स्प्रिंग मैटेरियल में भंगुरता का गुण नहीं होना चाहिए ताकि वह झटकों या चोटों से न टूटे।
लचीलापन (Elasticity)–जिस धातु से स्प्रिंग बनाये जाते है। उस धातु में लचीलापन का गुण होना अति आवश्यक है। इससे स्प्रिंग निर्धारित सीमा तक खिचने के बाद वापस पुन: उसी स्थिति में आ जाती है।
टफनेस (Toughness)–स्प्रिंग धातु में टफनेस का गुण होना चाहिए ताकि वह टूटे नहीं बल्कि झटके को सहन कर सके।
स्ट्रैंथ (strength)–स्प्रिंग धातु मजबूत होनी चाहिए ताकि वह आसानी से भार (weight) सहन कर सके।
भंगुरता (Brittleness)–यह धातु वह गुण है जो चोट लगने पर यह टुकड़े–टुकड़े होकर टूट जाती है।