Correct Answer:
Option B - सांप द्वारा काटे हुए पीड़ित व्यक्ति की देखभाल करते समय काटे हुए भाग को स्थिर रखना और दिल से नीचे रखना। सर्प के काटने पर तुरन्त डॉक्टर को बुलाना चाहिए। डॉक्टर के आने तक जहर को शरीर में और फ़ैलने से रोकने का पूरा-पूरा प्रयत्न करना चाहिए। इसके लिए काटे हुए स्थान से हृदय की ओर बन्धन बांधना चाहिए, जिससे रक्त का संचरण रूक जाए और विष शीघ्रता से सारे शरीर में न फ़ैल सके।
⟹ बन्धन बाँधने के पश्चात् सर्प-डंश वाले स्थान को, तेज धार वाले चाकू या ब्लेड से काटकर थोड़ा सा रक्त बाहर निकाल देना चाहिए फिर उस घाव को पोटैशियम परमैंगनेट से धोकर उसमें इसे भर देना चाहिए।
B. सांप द्वारा काटे हुए पीड़ित व्यक्ति की देखभाल करते समय काटे हुए भाग को स्थिर रखना और दिल से नीचे रखना। सर्प के काटने पर तुरन्त डॉक्टर को बुलाना चाहिए। डॉक्टर के आने तक जहर को शरीर में और फ़ैलने से रोकने का पूरा-पूरा प्रयत्न करना चाहिए। इसके लिए काटे हुए स्थान से हृदय की ओर बन्धन बांधना चाहिए, जिससे रक्त का संचरण रूक जाए और विष शीघ्रता से सारे शरीर में न फ़ैल सके।
⟹ बन्धन बाँधने के पश्चात् सर्प-डंश वाले स्थान को, तेज धार वाले चाकू या ब्लेड से काटकर थोड़ा सा रक्त बाहर निकाल देना चाहिए फिर उस घाव को पोटैशियम परमैंगनेट से धोकर उसमें इसे भर देना चाहिए।