Correct Answer:
Option D - ‘सम्पत्’ पद में क्विँप् प्रत्यय का प्रयोग किया गया है। इसी शतृ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं के अनन्तर तथा शानच आत्मनेपदी धातुओं के अनन्तर जोड़ा जाता है यदि धातु के रूप के अन्त में अ हो तो शतृ (अत्) के पूर्व उसका लोप हो जाता है।
यथा – पठ + शतृ = पठत् कृ + शतृ = कुर्वत् आदि।
D. ‘सम्पत्’ पद में क्विँप् प्रत्यय का प्रयोग किया गया है। इसी शतृ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं के अनन्तर तथा शानच आत्मनेपदी धातुओं के अनन्तर जोड़ा जाता है यदि धातु के रूप के अन्त में अ हो तो शतृ (अत्) के पूर्व उसका लोप हो जाता है।
यथा – पठ + शतृ = पठत् कृ + शतृ = कुर्वत् आदि।