Explanations:
परमाणु किसी तत्व का वह छोटे-से-छोटा कण है, जो किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग ले सकता है। परन्तु स्वतंत्र अवस्था में नहीं रह सकता। परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन होता है। प्रोटॉन–परमाणु के अन्दर प्रोटॉन एक ऐसा सूक्ष्म कण है, जिसका सापेक्ष द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है और इस पर इकाई धन आवेश रहता है। परमाणु में धन आवेश युक्त इस कण की खोज का श्रेय गोल्डस्टीन को है। न्यूट्रॉन–परमाणु के अन्दर न्यूट्रॉन एक ऐसा सूक्ष्म कण है, जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है। लेकिन इस पर कोई आवेश नहीं होता है। अर्थात् न्यूट्रॉन एक उदासीन कण है। न्यूट्रॉन की खोज 1932 ई. में चैडविक ने बेरेलियम धातु पर α-कणों से आघात कराकर की।