Correct Answer:
Option C - ‘समानांतर कहानी’ के प्रवर्तक ‘कमलेश्वर’ हैं। 1972 ई. में कमलेश्वर ने ‘सारिका’ पत्रिका से ‘समानान्तर कहानी आन्दोलन’ चलाया। इनकी प्रमुख कहानियाँ हैं– राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, खोई हुई दिशाएँ, मांस का दरिया, बयान, आजादी मुबारक आदि। मोहन राकेश की प्रमुख कहानियाँ हैं– इन्सान के खण्डहर, जानवर और जानवर, एक और जिन्दगी, फौलाद का आकाश आदि। राजेन्द्र यादव की देवताओं की मूर्तियाँ, खेलखिलौने, जहाँ लक्ष्मी कैद है, अभिमन्यु की आत्महत्या, छोटे-छोटे ताजमहल आदि प्रमुख कहानी हैं। हिमांशु जोशी की प्रमुख कहानियाँ हैं- अन्तत:, रथचक्र, मनुष्य चिह्न, जलते हुए डैने, सागर तट के शहर।
C. ‘समानांतर कहानी’ के प्रवर्तक ‘कमलेश्वर’ हैं। 1972 ई. में कमलेश्वर ने ‘सारिका’ पत्रिका से ‘समानान्तर कहानी आन्दोलन’ चलाया। इनकी प्रमुख कहानियाँ हैं– राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, खोई हुई दिशाएँ, मांस का दरिया, बयान, आजादी मुबारक आदि। मोहन राकेश की प्रमुख कहानियाँ हैं– इन्सान के खण्डहर, जानवर और जानवर, एक और जिन्दगी, फौलाद का आकाश आदि। राजेन्द्र यादव की देवताओं की मूर्तियाँ, खेलखिलौने, जहाँ लक्ष्मी कैद है, अभिमन्यु की आत्महत्या, छोटे-छोटे ताजमहल आदि प्रमुख कहानी हैं। हिमांशु जोशी की प्रमुख कहानियाँ हैं- अन्तत:, रथचक्र, मनुष्य चिह्न, जलते हुए डैने, सागर तट के शहर।