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Q: सांख्यशास्त्रं कस्मात् श्रेयान्?
  • A. ईश्वरानुग्रहात्
  • B. विहितकर्मणानुष्ठानात्
  • C. अद्वयतत्त्वस्य ज्ञानात्
  • D. व्यक्ताव्यक्तज्ञविज्ञानात्
Correct Answer: Option D - सांख्यशास्त्रं व्यक्ताव्यक्तज्ञविज्ञानात् श्रेयान्। सांख्य दर्शन व्यक्त अव्यक्त विज्ञान को सर्वोत्तम मानता है। सांख्य दर्शन प्रणेता - आचार्य कपिल समख्याति - सम्यक् ज्ञान (विवेक प्रधान) प्रमुख ग्रन्थ - साङ्ख्यकारिका। सांख्यसप्तति - ईश्वरकृष्ण प्रमुख सिद्धान्त - सत्कार्यवाद सांख्य दर्शन में तत्व - 25 सांख्य दर्शन के अनुसार गुण - 3
D. सांख्यशास्त्रं व्यक्ताव्यक्तज्ञविज्ञानात् श्रेयान्। सांख्य दर्शन व्यक्त अव्यक्त विज्ञान को सर्वोत्तम मानता है। सांख्य दर्शन प्रणेता - आचार्य कपिल समख्याति - सम्यक् ज्ञान (विवेक प्रधान) प्रमुख ग्रन्थ - साङ्ख्यकारिका। सांख्यसप्तति - ईश्वरकृष्ण प्रमुख सिद्धान्त - सत्कार्यवाद सांख्य दर्शन में तत्व - 25 सांख्य दर्शन के अनुसार गुण - 3

Explanations:

सांख्यशास्त्रं व्यक्ताव्यक्तज्ञविज्ञानात् श्रेयान्। सांख्य दर्शन व्यक्त अव्यक्त विज्ञान को सर्वोत्तम मानता है। सांख्य दर्शन प्रणेता - आचार्य कपिल समख्याति - सम्यक् ज्ञान (विवेक प्रधान) प्रमुख ग्रन्थ - साङ्ख्यकारिका। सांख्यसप्तति - ईश्वरकृष्ण प्रमुख सिद्धान्त - सत्कार्यवाद सांख्य दर्शन में तत्व - 25 सांख्य दर्शन के अनुसार गुण - 3