Correct Answer:
Option A - उपर्युक्त पंक्तियाँ तुलसीदास कृत ‘दोहावली’ से ली गयी है । निम्नलिखित पंक्तियाँ और रचनाकार -
पंक्ति रचनाकार
हरि मोरा पिउ मैं हरि की बहुरिया कबीरदास
बाहर वह भीतर वह होई। घर बाहर को रहै न जोई कुतुबन
सरवर तीर पद्मिनी आई। खोंपा छोरि केस मुकलाई जायसी
A. उपर्युक्त पंक्तियाँ तुलसीदास कृत ‘दोहावली’ से ली गयी है । निम्नलिखित पंक्तियाँ और रचनाकार -
पंक्ति रचनाकार
हरि मोरा पिउ मैं हरि की बहुरिया कबीरदास
बाहर वह भीतर वह होई। घर बाहर को रहै न जोई कुतुबन
सरवर तीर पद्मिनी आई। खोंपा छोरि केस मुकलाई जायसी