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Q: उत्तराखण्ड के एक स्थानीय देवता के मंदिर में, लोग पत्र न्याय के लिए गुहार लगाते हैं। वह देवता कौन हैं–
  • A. गोलू देवता
  • B. बोखनाग
  • C. हरूहीत
  • D. मणिभद्र
Correct Answer: Option A - : ऋग्वेद में उत्तराखण्ड को देवभूमि कहा गया है। उत्तराखण्ड में देवी-देवताओं के कई मन्दिर है, जिनमें से एक मंदिर गोलू देवता का भी है। गोलू देवता को स्थानीय मान्यताओं में न्याय का देवता कहा जाता है। उत्तराखण्ड में गोलू देवता के कई मन्दिर है, जिसमें सबसे लोकप्रिय और आस्था का केन्द्र अल्मोड़ा जिले में स्थित चितई गोलू देवता का मन्दिर है। गोलू देवता को शिव और कृष्ण दोनों का अवतार माना जाता है। चितई गोलू मन्दिर में भक्त मन्नत मांगने के लिए चिट्ठी लिखते है तथा कुछ लोग स्टांप पेपर पर लिखकर अपने लिए न्याय मांगते है।
A. : ऋग्वेद में उत्तराखण्ड को देवभूमि कहा गया है। उत्तराखण्ड में देवी-देवताओं के कई मन्दिर है, जिनमें से एक मंदिर गोलू देवता का भी है। गोलू देवता को स्थानीय मान्यताओं में न्याय का देवता कहा जाता है। उत्तराखण्ड में गोलू देवता के कई मन्दिर है, जिसमें सबसे लोकप्रिय और आस्था का केन्द्र अल्मोड़ा जिले में स्थित चितई गोलू देवता का मन्दिर है। गोलू देवता को शिव और कृष्ण दोनों का अवतार माना जाता है। चितई गोलू मन्दिर में भक्त मन्नत मांगने के लिए चिट्ठी लिखते है तथा कुछ लोग स्टांप पेपर पर लिखकर अपने लिए न्याय मांगते है।

Explanations:

: ऋग्वेद में उत्तराखण्ड को देवभूमि कहा गया है। उत्तराखण्ड में देवी-देवताओं के कई मन्दिर है, जिनमें से एक मंदिर गोलू देवता का भी है। गोलू देवता को स्थानीय मान्यताओं में न्याय का देवता कहा जाता है। उत्तराखण्ड में गोलू देवता के कई मन्दिर है, जिसमें सबसे लोकप्रिय और आस्था का केन्द्र अल्मोड़ा जिले में स्थित चितई गोलू देवता का मन्दिर है। गोलू देवता को शिव और कृष्ण दोनों का अवतार माना जाता है। चितई गोलू मन्दिर में भक्त मन्नत मांगने के लिए चिट्ठी लिखते है तथा कुछ लोग स्टांप पेपर पर लिखकर अपने लिए न्याय मांगते है।