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Q: संज्ञानात्मक क्षेत्र का सही क्रम है–
  • A. ज्ञान–अनुप्रयोग–अवबोध–विश्लेषण–संश्लेषण–मूल्यांकन
  • B. मूल्यांकन–अनुप्रयोग–विश्लेषण–संश्लेषण–अवबोध–ज्ञान
  • C. मूल्यांकन–संश्लेषण–विश्लेषण–अनुप्रयोग–अवबोध–ज्ञान
  • D. ज्ञान–अवबोध–अनुप्रयोग–विश्लेषण–संश्लेषण–मूल्यांकन
Correct Answer: Option D - बेंजामिन एस ब्लूम ने शिक्षण के उद्देश्यों को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया– (i) संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (ii) भावात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (iii) मनोगात्यात्मक क्षेत्र के उद्देश्य ब्लूम ने वर्ष 1956 में संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्यों को पुन: क्रमश: 6 भागों में विभाजित किया, जो इस प्रकार हैं– (1) ज्ञान (2) अवबोध (3) अनुप्रयोग (4) विश्लेषण (5) संश्लेषण (6) मूल्यांकन।
D. बेंजामिन एस ब्लूम ने शिक्षण के उद्देश्यों को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया– (i) संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (ii) भावात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (iii) मनोगात्यात्मक क्षेत्र के उद्देश्य ब्लूम ने वर्ष 1956 में संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्यों को पुन: क्रमश: 6 भागों में विभाजित किया, जो इस प्रकार हैं– (1) ज्ञान (2) अवबोध (3) अनुप्रयोग (4) विश्लेषण (5) संश्लेषण (6) मूल्यांकन।

Explanations:

बेंजामिन एस ब्लूम ने शिक्षण के उद्देश्यों को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया– (i) संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (ii) भावात्मक क्षेत्र के उद्देश्य (iii) मनोगात्यात्मक क्षेत्र के उद्देश्य ब्लूम ने वर्ष 1956 में संज्ञानात्मक क्षेत्र के उद्देश्यों को पुन: क्रमश: 6 भागों में विभाजित किया, जो इस प्रकार हैं– (1) ज्ञान (2) अवबोध (3) अनुप्रयोग (4) विश्लेषण (5) संश्लेषण (6) मूल्यांकन।