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Q: `सहसा विदधीत न क्रियाम्'–इस सूक्ति से युक्त रचना है :
  • A. शिशुपालवधम्
  • B. किरातार्जुनीयम्
  • C. नैषधीय चरितम्
  • D. कुमार सम्भवं
Correct Answer: Option B - `किरातार्जुनीयम्' नामक महाकाव्य की रचना महाकवि भारवि ने की थी। `सहसा विदधीत न क्रियाम्' नामक सूक्ति `किरातार्जुनीयम्' में संकलित है। भारवि ने इस प्रिय सूक्ति वाक्य को शयन-कक्ष में लगा रखा था। भारवि के किरातार्जुनीयम् की गणना संस्कृत के तीन वृहत ग्रंथों में की गयी है।
B. `किरातार्जुनीयम्' नामक महाकाव्य की रचना महाकवि भारवि ने की थी। `सहसा विदधीत न क्रियाम्' नामक सूक्ति `किरातार्जुनीयम्' में संकलित है। भारवि ने इस प्रिय सूक्ति वाक्य को शयन-कक्ष में लगा रखा था। भारवि के किरातार्जुनीयम् की गणना संस्कृत के तीन वृहत ग्रंथों में की गयी है।

Explanations:

`किरातार्जुनीयम्' नामक महाकाव्य की रचना महाकवि भारवि ने की थी। `सहसा विदधीत न क्रियाम्' नामक सूक्ति `किरातार्जुनीयम्' में संकलित है। भारवि ने इस प्रिय सूक्ति वाक्य को शयन-कक्ष में लगा रखा था। भारवि के किरातार्जुनीयम् की गणना संस्कृत के तीन वृहत ग्रंथों में की गयी है।