Correct Answer:
Option B - ‘सागर मुद्रा’ (1970) काव्य कृति सच्चिदानन्द हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की है।
‘अज्ञेय’ के अन्य काव्य-संग्रह– भग्नदूत (1933), चिंता (1942), इत्यलम् (1946), हरी घास पर क्षण भर (1949), बावरा अहेरी (1954), इन्द्रधनुष रौंदे हुए ये (1957), अरी ओ करुणा प्रभामय (1959), आँगन के पार द्वार (1961), पूर्वा, सुनहले शैवाल (1966), कितनी नावों में कितनी बार (1967), क्योंकि मैं उसे जानता हूँ (1969), सागरमुद्रा (1970), पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ (1973), नदी की बाँक छाया (1981)।
शमशेर बहादुर सिंह के काव्य-संग्रह– चुका भी हूँ नहीं मैं (1975), बात बोलेगी (1981), काल तुझसे होड़ है मेरी (1988), सुकून की तलाश (1998)।
कुँवर नारायण के काव्य संग्रह– चक्रव्यूह (1956), परिवेश : हम तुम (1961), अपने सामने (1979), कोई दूसरा नहीं (1993), इन दिनों (2002)
प्रबन्धकाव्य– आत्मजयी (1965), वाजश्रवा के बहाने (2008)।
हरिनारायण व्यास की प्रमुख रचनाएँ– मृग और तृष्णा, त्रिकोंण पर सूर्योदय, बरगद के चिकने पत्ते, आउटर पर रुकी ट्रेन।
B. ‘सागर मुद्रा’ (1970) काव्य कृति सच्चिदानन्द हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की है।
‘अज्ञेय’ के अन्य काव्य-संग्रह– भग्नदूत (1933), चिंता (1942), इत्यलम् (1946), हरी घास पर क्षण भर (1949), बावरा अहेरी (1954), इन्द्रधनुष रौंदे हुए ये (1957), अरी ओ करुणा प्रभामय (1959), आँगन के पार द्वार (1961), पूर्वा, सुनहले शैवाल (1966), कितनी नावों में कितनी बार (1967), क्योंकि मैं उसे जानता हूँ (1969), सागरमुद्रा (1970), पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ (1973), नदी की बाँक छाया (1981)।
शमशेर बहादुर सिंह के काव्य-संग्रह– चुका भी हूँ नहीं मैं (1975), बात बोलेगी (1981), काल तुझसे होड़ है मेरी (1988), सुकून की तलाश (1998)।
कुँवर नारायण के काव्य संग्रह– चक्रव्यूह (1956), परिवेश : हम तुम (1961), अपने सामने (1979), कोई दूसरा नहीं (1993), इन दिनों (2002)
प्रबन्धकाव्य– आत्मजयी (1965), वाजश्रवा के बहाने (2008)।
हरिनारायण व्यास की प्रमुख रचनाएँ– मृग और तृष्णा, त्रिकोंण पर सूर्योदय, बरगद के चिकने पत्ते, आउटर पर रुकी ट्रेन।