Correct Answer:
Option A - इस गद्यांश में आया पद ‘उच्चस्वरेण’ के लिए ‘तारस्वरेण’ पद का प्रयोग उचित एवं सर्वसम्मत है। यह दोनों पद एक दूसरे से समान अर्थ बोधक भी है। इन दोनों पदों में तृतीया एक वचन का प्रयोग किया गया है। तृतीया विभक्ति करण कारक होती है, जिसका चिन्ह ‘से द्वारा’ ही होता है।
‘उच्चस्वरेण’ का शाब्दिक अर्थ - ‘‘तेज आवाज के द्वारा’’
A. इस गद्यांश में आया पद ‘उच्चस्वरेण’ के लिए ‘तारस्वरेण’ पद का प्रयोग उचित एवं सर्वसम्मत है। यह दोनों पद एक दूसरे से समान अर्थ बोधक भी है। इन दोनों पदों में तृतीया एक वचन का प्रयोग किया गया है। तृतीया विभक्ति करण कारक होती है, जिसका चिन्ह ‘से द्वारा’ ही होता है।
‘उच्चस्वरेण’ का शाब्दिक अर्थ - ‘‘तेज आवाज के द्वारा’’