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Q: सूचना : अधोलिखितं श्लोकान पठित्वा प्रश्नानां (प्र.सं. 286-291) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत। अश्वानां लक्षणं वेगो गजानां लक्षणं मद:। चातुर्यं लक्षणं स्त्रीणाम् उद्योगों लक्षणं न¸णाम् ।। नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक:। न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत:।। क्षमा शस्त्रं करे यस्य दुर्जन: किम् करिष्यति। अतृणे पतितो वह्नि स्वयमेवोपशाम्यति।। अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम्। भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्।। ददाति प्रतिग्रहिति गुह्यमाख्याति पृच्छति। भुङ्क्ते भोजयते चैव षड्विधं प्रीतिलक्षणम् ।। विकृतिं नैव गच्छन्ति संगदोषेण साधव:। आवेष्टितं महासर्पै: चन्दनं न विषायते।। भोजनान्ते किं विषप्रदम्?
  • A. वारि
  • B. फलम्
  • C. पय:
  • D. मिष्टान्नम्
Correct Answer: Option A - भोजन के अन्त में ‘वारि’ (जल) विष के समान है। भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्। अर्थात् भोजन से पहले जल अमृत के समान तथा भोजन के उपरान्त विष के समान होता है। अन्य विकल्पों का अर्थ होगा- फलम् का अर्थ = फल (जैसे, आम, अनार, अङ्गूर आदि) पय: का अर्थ = दुग्ध (अर्थात् दूध) मिष्टान्नम् का अर्थ = मीठे पदार्थ
A. भोजन के अन्त में ‘वारि’ (जल) विष के समान है। भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्। अर्थात् भोजन से पहले जल अमृत के समान तथा भोजन के उपरान्त विष के समान होता है। अन्य विकल्पों का अर्थ होगा- फलम् का अर्थ = फल (जैसे, आम, अनार, अङ्गूर आदि) पय: का अर्थ = दुग्ध (अर्थात् दूध) मिष्टान्नम् का अर्थ = मीठे पदार्थ

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भोजन के अन्त में ‘वारि’ (जल) विष के समान है। भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्। अर्थात् भोजन से पहले जल अमृत के समान तथा भोजन के उपरान्त विष के समान होता है। अन्य विकल्पों का अर्थ होगा- फलम् का अर्थ = फल (जैसे, आम, अनार, अङ्गूर आदि) पय: का अर्थ = दुग्ध (अर्थात् दूध) मिष्टान्नम् का अर्थ = मीठे पदार्थ