Correct Answer:
Option A - कुण्डलपुर, दामोह से 35 किलोमीटर दूर दामोह-कटनी मार्ग पर स्थित है। इसका मुख पूरब की ओर है। यह लालट संरचना 30 स्तम्भें पर आधारित है, जो पत्थर की दीवार से ढका है। बीच में एक बड़ा द्वार है, जिसके कोनो पर छोटे दरवाजे लगे हैं। सम्भवत: यह मठ शैव सम्प्रदाय को समर्पित था, इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में कलचुरी शासको द्वारा किया गया था।
A. कुण्डलपुर, दामोह से 35 किलोमीटर दूर दामोह-कटनी मार्ग पर स्थित है। इसका मुख पूरब की ओर है। यह लालट संरचना 30 स्तम्भें पर आधारित है, जो पत्थर की दीवार से ढका है। बीच में एक बड़ा द्वार है, जिसके कोनो पर छोटे दरवाजे लगे हैं। सम्भवत: यह मठ शैव सम्प्रदाय को समर्पित था, इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में कलचुरी शासको द्वारा किया गया था।