Correct Answer:
Option C - रोटरी बोरिंग विधि (Rotary boring Method):-
इस विधि का उपयोग ड्रिलिंग के लिए किया जाता है। यह विधि मुख्य रूप से कठोर चट्टान तथा मृत्तिका व बालू के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इस विधि द्वारा 50 mm से 200 mm तक के व्यास का बोर छिद्र आसानी से बनाया जा सकता है।
C. रोटरी बोरिंग विधि (Rotary boring Method):-
इस विधि का उपयोग ड्रिलिंग के लिए किया जाता है। यह विधि मुख्य रूप से कठोर चट्टान तथा मृत्तिका व बालू के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इस विधि द्वारा 50 mm से 200 mm तक के व्यास का बोर छिद्र आसानी से बनाया जा सकता है।