Correct Answer:
Option B - ऋणमुक्त में अपादान तत्पुरुष है। अपादान तत्पुरुष (पंचमी तत्पुरुष) में अपादान कारक की विभक्ति ‘से’ (अलग होने का भाव) लुप्त हो जाता है। जैसे-
• ऋण से मुक्त → ऋणमुक्त
• धन से हीन → धनहीन
• पथ से भ्रष्ट → पथभ्रष्ट
B. ऋणमुक्त में अपादान तत्पुरुष है। अपादान तत्पुरुष (पंचमी तत्पुरुष) में अपादान कारक की विभक्ति ‘से’ (अलग होने का भाव) लुप्त हो जाता है। जैसे-
• ऋण से मुक्त → ऋणमुक्त
• धन से हीन → धनहीन
• पथ से भ्रष्ट → पथभ्रष्ट